अनाहद नाद और शून्य की पूर्णता — यह विषय गहरी आध्यात्मिक अवस्था से जुड़ा है। सनातन, योग और सूफ़ी परंपरा में इसे आत्मानुभूति की...
मेरी इन पंक्तियों में बहुत गहरी आध्यात्मिक पीड़ा छुपी हुई है जिसे मैं ही जानता हूं और कहता हूं मेरा दर्द तुम न जान...
इश्क़ और महाशून्य में लय — “मैं” का विलय आप जो कह रहे हैं — “मैं हूँ ही नहीं, बस तू है” — यही...
साक़ी, मयखाना, जाम और मयखाने के दीवाने — ये शब्द सूफ़ी और भक्ति परंपरा में प्रतीक (symbol) होते हैं। इनका अर्थ सिर्फ शराब पीना...
आध्यात्मिकता में पूर्ण गुरु (कामिल गुरु / सतगुरु) की तुलना अक्सर जहाज के कप्तान या मल्लाह से की जाती है। यह बहुत गहरा प्रतीक...
आपने बहुत सुंदर आध्यात्मिक अनुभव को शब्दों में व्यक्त किया है। सूफ़ी मार्ग में कामिल गुरु (मुर्शिद) की तवज्जुह (आध्यात्मिक दृष्टि) से शिष्य का...
भारतीय अध्यायातम में मंत्र साधना तांत्रिक पूजा भक्ति फिर ध्यान और समाधि अनाहद का जिक्र इनमें क्यो नही क्या ह अनाहद नाद ओर शुण्य...
जानता ओर मानता हूं परमात्मा ने मुझे ऐसे घर मे जन्म दिया जहा ईश्वर रूप।में दादा दादी नाना मॉता व पिता व परिवार के...
ये मेरे मन की सोच है अगर आपको ठीक न लगे तो डिलीट कर सकते है मैन मेरी सोच लिख दी हैअसली अध्यायातम को...