Category: Vachan

जो मिट गया, वही पा गया

जिस व्यक्ति ने अपने “मैं” (अहंकार) को गुरु/ईश्वर के हवाले कर दिया,जो स्वयं से मुक्त हो गया — अर्थात् कर्ता-भाव और भोक्ता-भाव से छूट...

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जब ज्ञान भक्ति में डूब जाता है

ईश्वर से मिलाने वाली साधना एक ही है — भक्ति,और भक्ति का प्राण है दिल से किया गया समर्पणयुक्त इल्म (ज्ञान)।यहाँ इल्म केवल पढ़ा-सुना...

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