भाई राकेश आपका प्रश्न बहुत ही गहरी आध्यत्मिक अनिभूति की ओर ले जाता है बवास्तव में जब शिष्य में पूर्णता आती है ऐसी स्तिथि...
मुर्शिद के साथ आध्यात्मिक ताल्लुक निभाने के लिए पूर्ण समर्पण, नियमित स्मरण और आंतरिक अनुशासन आवश्यक है। यह रिश्ता बैअत से मजबूत होता है,...
सूफी दर्शन और भक्ति परंपरा में इश्क (दिव्य प्रेम) ही इंसान को खुदा तक पहुँचाने का सबसे शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। यह प्रेम...
हकीकत का सचखंड आध्यात्मिक परंपराओं में सत्य का शुद्ध क्षेत्र या परम सत्य की अवस्था को कहते हैं, जहां आत्मा माया और संसारिक बंधनों...
मौन में गुरु की उपस्थिति के अनुभव साधक के आध्यात्मिक स्तर के अनुसार भिन्न होते हैं, प्रारंभिक से उच्चतम अवस्था तक। ये अनुभव चित्त...
अनाहद नाद मुख्य रूप से कुंडलिनी जागरण, समाधि अवस्था और नाद योग की साधना से जुड़ा आध्यात्मिक अनुभव है। यह चेतना के विस्तार और...
ईश्वर के दरवाजे तक आत्मा को पहुँचने के सात द्वार मुख्य रूप से योग और तंत्र शास्त्र के सात चक्रों से जुड़े हैं, जो...
इंसान के मन की सोच ही ईश्वर की सोच है जब एक होगई तक मेल हो गया और इंसान ओर भगवान में भेद मिट...
शांगरी-ला घाटी महाभारत में प्रत्यक्ष रूप से “शांगरी-ला” नाम से नहीं उल्लिखित है, बल्कि इसे सिद्धाश्रम या ज्ञानगंज के रूप में वर्णित किया गया...
आत्मा व परमात्मा की पहचानवेदांत की परंपरा में ठीक यही सिद्धांत प्रतिपादित है—आत्मानं विद्धि (आत्मा को जानो), क्योंकि आत्मा ही परमात्मा का प्रतिबिंब है।...