।अगर निकले जनाज़ा मेरा तेरे दर के पास से, तो ऐ दोस्त… एक फूल मेरी अर्थी पर फेंक देना। बस उसी पल ठहर जायगी...
अगर निकले जनाज़ा मेरा तेरे दर के पास से, तो ऐ दोस्त… एक फूल मेरी अर्थी पर फेंक देना। बस उसी पल ठहर जायगी...
ओर दिमाग मे सोचआगआई दर एक है पर पहुचने के लिए चार रास्ते है जिसे क्रोस में दर्शाया गया है वह रे खुदा तू...
अध्यायातम में एक बात में एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति झलकती है,वहः जाट पात से परे मानवता शालीनता कुलीनता व स्नेह लेकिन इसे थोड़ा संतुलित...
मेरी ये पंक्तियाँ में समर्पण की बहुत गहरी सुगंध लिए हुए हैं—जैसे कोई भीतर से सचमुच खाली होकर अपने आपको अर्पित कर रहा हो।...
अंधकार ओर मोन को, अब इसे तीनों मार्गोंवेदांत, सूफ़ी और योगसे एक साथ समझते हैं। यहाँ गहराई में एक ही सत्य अलग-अलग भाषा में...
समझ गया म हाशून्य में जाकर जो सकूँन मिला जो स्वम की रूह को चेतन्य में पाया ताभि समझ मे आया गुरु गोविंद दोनो।खड़े...
कविता: धर्म से ऊपर इंसान परमसत्ता के दर पे, कोई धर्म नहीं होता, वहाँ न कोई हिन्दू, न मुसलमान होता। हमने ही खींची हैं...
मैंने जो बात यहां लिखी है, उसमें सूफ़ी अनुभव, संस्कार और कृपा—तीनों का संगम है। लेकिन इसे स्पष्ट समझना ज़रूरी है, ताकि रास्ताभ्रमित न...
ठीक है, हवाई जहाज का आकाश में उड़ना ओर शरीर से आत्मा का ब्रह्मांड में सफर करने को आध्यात्मिक दृष्टि से समझते हैं —...