श्रद्धांजलि संदेश स्वर्गीय श्रीमती दर्शना देवी गुप्ता जी की पुण्य तिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। आज उनके हमें छोड़े हुए 36 वर्ष पूर्ण हो...
आध्यात्मिक मार्ग में साधक सामान्यतः 5 प्रमुख अवस्थाओं से गुजरता है। जब इन अवस्था से गुजरता है तो उसके मन मे कई तरह के...
आध् यात्मिक साक्षी भाव (सूक्ष्म स्तर) साक्षी भाव का सूक्ष्म अर्थ यह है कि साधक केवल बाहरी घटनाओं का ही नहीं, बल्कि मन, प्राण...
अनाहद नाद और शून्य की पूर्णता — यह विषय गहरी आध्यात्मिक अवस्था से जुड़ा है। सनातन, योग और सूफ़ी परंपरा में इसे आत्मानुभूति की...
मेरी इन पंक्तियों में बहुत गहरी आध्यात्मिक पीड़ा छुपी हुई है जिसे मैं ही जानता हूं और कहता हूं मेरा दर्द तुम न जान...
इश्क़ और महाशून्य में लय — “मैं” का विलय आप जो कह रहे हैं — “मैं हूँ ही नहीं, बस तू है” — यही...
साक़ी, मयखाना, जाम और मयखाने के दीवाने — ये शब्द सूफ़ी और भक्ति परंपरा में प्रतीक (symbol) होते हैं। इनका अर्थ सिर्फ शराब पीना...
आध्यात्मिकता में पूर्ण गुरु (कामिल गुरु / सतगुरु) की तुलना अक्सर जहाज के कप्तान या मल्लाह से की जाती है। यह बहुत गहरा प्रतीक...
आपने बहुत सुंदर आध्यात्मिक अनुभव को शब्दों में व्यक्त किया है। सूफ़ी मार्ग में कामिल गुरु (मुर्शिद) की तवज्जुह (आध्यात्मिक दृष्टि) से शिष्य का...