Guru Ji

अहं ब्रह्मास्मि का अर्थ: आत्मा और ब्रह्म की अद्वैत एकता

शरीर, मन और आत्मा भारतीय दर्शन में अलग-अलग स्तरों पर अस्तित्व रखते हैं, जहाँ आत्मा को शाश्वत और स्वतंत्र माना जाता है जबकि शरीर...

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सहस्त्रार चक्र जागरण: मानसिक और शारीरिक परिवर्तन का दिव्य अनुभव

जागृत सहस्त्रार चक्र के बाद मानसिक बदलाव मुख्यतः चेतना के विस्तार और आध्यात्मिक जागृति से जुड़े होते हैं, जैसे गहरी शांति, आत्मबोध और बाह्य...

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भारतीय शास्त्रों में समाधि: आत्मा और ब्रह्म के दिव्य एकत्व की यात्रा

आत्मा के सफर पर समाधि के संदर्भ में विभिन्न भारतीय आध्यात्मिक परंपराएँ और शास्त्र कुछ इस प्रकार दृष्टिपात करती हैं:1. उपनिषदों का दृष्टिकोणउपनिषदों में...

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मेरी सोच

“अध्यात्म की राह में ‘फिजा’ और ‘फिदा’ के अर्थ बहुत गहरे और सारगर्भित हैं। यहाँ पर ‘फिजा’ का अर्थ होता है वातावरण, मौसम, या...

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