Author: Guru Ji

सूफी साधना में बका: अहंकार से परे शाश्वत चेतना की यात्रा

बका सूफी दर्शन में फना के बाद की परम अवस्था है, जहाँ अनुभव शाश्वत एकता और दिव्य गुणों से भरपूर होते हैं।अनुभवों के चरित्रशाश्वत...

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नया साल, नई चेतना: आत्म-साक्षात्कार और दिव्य प्रेम की शुभकामनाएं

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं! इस नए वर्ष में आध्यात्मिक जागरण और आत्म-साक्षात्कार की नई यात्रा प्रारंभ हो।आध्यात्मिक शुभकामना संदेशयह संदेश भगवद्गीता की प्रेरणा...

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अंतकाल स्मरण का रहस्य: गीता के अक्षर ब्रह्म योग की प्रेरक शिक्षा

गीता का अध्याय 8 अक्षर ब्रह्म योग का यह विवरण हृदयस्पर्शी और प्रेरणादायी है। आपने बिल्कुल सही कहा—अंतिम स्मृति ही जीवन का चरम निर्णय...

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ब्रह्म-नाव का रहस्य: निरालंब ध्यान में आत्मा की भवसागर पार यात्रा

भाई राकेश आपका प्रश्न बहुत ही गहरी आध्यत्मिक अनिभूति की ओर ले जाता है बवास्तव में जब शिष्य में पूर्णता आती है ऐसी स्तिथि...

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मुर्शिद से रुहानी ताल्लुक़: बैअत, समर्पण और आत्मिक उन्नति का मार्ग

मुर्शिद के साथ आध्यात्मिक ताल्लुक निभाने के लिए पूर्ण समर्पण, नियमित स्मरण और आंतरिक अनुशासन आवश्यक है। यह रिश्ता बैअत से मजबूत होता है,...

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