गीता में छिपे आत्मज्ञान के गहन संदेश जीवन की दिशा बदल देते हैं इसे पढ़ना समझना जीवन मे उतारना ओर अनुवभव से प्रेम भक्ति...
अध्यायातम में जिस साधक ने अपनी किस्ती गुरु रूपी समुंदर के बीच भंवर में उतार दी और स्वम्।को उसके हवाले कर बे फिक्र हो...
मेरे आईने ने मुझे देखा और कहा,जब शून्य में साधक खो, खुद शून्य हो जाता है,तो महाशून्य में अपना अस्तित्व खोकर,जब खुद की तलाश...
गीता का अध्याय 8 अक्षर ब्रह्म योग का यह विवरण हृदयस्पर्शी और प्रेरणादायी है। आपने बिल्कुल सही कहा—अंतिम स्मृति ही जीवन का चरम निर्णय...
भाई राकेश आपका प्रश्न बहुत ही गहरी आध्यत्मिक अनिभूति की ओर ले जाता है बवास्तव में जब शिष्य में पूर्णता आती है ऐसी स्तिथि...
मुर्शिद के साथ आध्यात्मिक ताल्लुक निभाने के लिए पूर्ण समर्पण, नियमित स्मरण और आंतरिक अनुशासन आवश्यक है। यह रिश्ता बैअत से मजबूत होता है,...
सूफी दर्शन और भक्ति परंपरा में इश्क (दिव्य प्रेम) ही इंसान को खुदा तक पहुँचाने का सबसे शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। यह प्रेम...
हकीकत का सचखंड आध्यात्मिक परंपराओं में सत्य का शुद्ध क्षेत्र या परम सत्य की अवस्था को कहते हैं, जहां आत्मा माया और संसारिक बंधनों...
मौन में गुरु की उपस्थिति के अनुभव साधक के आध्यात्मिक स्तर के अनुसार भिन्न होते हैं, प्रारंभिक से उच्चतम अवस्था तक। ये अनुभव चित्त...
अनाहद नाद मुख्य रूप से कुंडलिनी जागरण, समाधि अवस्था और नाद योग की साधना से जुड़ा आध्यात्मिक अनुभव है। यह चेतना के विस्तार और...