। यह बिना बजाए बजने वाली ध्वनि है, जो साधना से आत्मा को परमात्मा से जोड़ती है।संतमत में महत्वसंत परंपरा में अनाहद नाद को...
पिताजी साहब का अध्यात्म में जब भी ध्यान या पूजा करवाते थे शुरू शुरू में शिष्य को कोई भी धार्मिक पूजा करने को।कहते उससे...
बका सूफी दर्शन में फना के बाद की परम अवस्था है, जहाँ अनुभव शाश्वत एकता और दिव्य गुणों से भरपूर होते हैं।अनुभवों के चरित्रशाश्वत...
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं! इस नए वर्ष में आध्यात्मिक जागरण और आत्म-साक्षात्कार की नई यात्रा प्रारंभ हो।आध्यात्मिक शुभकामना संदेशयह संदेश भगवद्गीता की प्रेरणा...
2025 गुजर रहा है और 2026 आ रहा है मैन पिछले सालों।में क्या पाया पिछले कई वर्षों में मैने ध्यान या सोयी या जाग्रत...
गीता में छिपे आत्मज्ञान के गहन संदेश जीवन की दिशा बदल देते हैं इसे पढ़ना समझना जीवन मे उतारना ओर अनुवभव से प्रेम भक्ति...
अध्यायातम में जिस साधक ने अपनी किस्ती गुरु रूपी समुंदर के बीच भंवर में उतार दी और स्वम्।को उसके हवाले कर बे फिक्र हो...
मेरे आईने ने मुझे देखा और कहा,जब शून्य में साधक खो, खुद शून्य हो जाता है,तो महाशून्य में अपना अस्तित्व खोकर,जब खुद की तलाश...